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Infosys Buyback 2025: ₹18,000 करोड़ का ऑफर जारी — लेकिन क्या निवेशकों को होगा फायदा?

On: October 23, 2025 10:07 PM
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Infosys Buyback 2025

Infosys Buyback 2025: निवेशक अक्सर सोचते हैं कि शेयर बाजार में बड़ा ऐलान होते ही मुनाफा मिल जाएगा। लेकिन वास्तविकता यह है कि हर ऑफर के पीछे गणना और जोखिम छिपे होते हैं। Infosys Buyback 2025 का ₹18,000 करोड़ का यह प्रस्ताव ठीक वैसा ही उदाहरण है। कंपनी ने सितंबर 2025 में यह घोषणा की, जो उसके इतिहास का सबसे बड़ा बायबैक है।

Table of Contents

इस लेख में हम विस्तार से समझेंगे कि यह ऑफर क्या है, कैसे काम करेगा, निवेशकों के लिए फायदे और नुकसान क्या हैं। साथ ही, हम ऐतिहासिक डेटा, टैक्स प्रभाव और विशेषज्ञ सलाह पर चर्चा करेंगे। अगर आप इंफोसिस के शेयरधारक हैं या निवेश की योजना बना रहे हैं, तो यह जानकारी आपके निर्णय को मजबूत बनाएगी। हम सरल भाषा में सब कुछ स्पष्ट करेंगे, ताकि आप आसानी से समझ सकें और सही कदम उठा सकें।

Infosys Buyback 2025 क्या है और यह कैसे काम करता है?

शेयर बायबैक कंपनी का वह कदम होता है जब वह अपने ही शेयर बाजार से वापस खरीदती है। इससे कंपनी के पास अतिरिक्त नकदी का उपयोग होता है और शेयरधारकों को सीधा लाभ मिल सकता है। Infosys Buyback 2025 में कंपनी 10 करोड़ शेयर ₹1,800 प्रति शेयर की दर से खरीदेगी। कुल राशि ₹18,000 करोड़ है, जो कुल इक्विटी कैपिटल का 2.41 प्रतिशत बनता है।

यह ऑफर सितंबर 11, 2025 को बोर्ड मीटिंग में मंजूर हुआ। रिकॉर्ड डेट नवंबर 14, 2025 के आसपास तय होने की उम्मीद है। इस तारीख पर शेयरधारक होने वाले ही योग्य होंगे। बायबैक टेंडर ऑफर के जरिए होगा, जहां शेयरधारक अपनी शेयर कंपनी को बेच सकते हैं।

प्रमोटर्स जैसे नारायण मूर्ति, नंदन नीलेकणि और सुधा मूर्ति ने इसमें हिस्सा न लेने का फैसला किया है। इससे पब्लिक शेयरधारकों के लिए स्वीकृति अनुपात बढ़ जाएगा। वर्तमान में इंफोसिस के कुल शेयर 4.15 अरब हैं, जिसमें प्रमोटर होल्डिंग 14.3 प्रतिशत है। प्रमोटर्स के बाहर रहने से पब्लिक के लिए लगभग 2.81 प्रतिशत शेयर स्वीकार होने की संभावना है।

यह कदम कंपनी की मजबूत वित्तीय स्थिति को दर्शाता है। इंफोसिस के पास Q2 2025 में नकदी भंडार ₹40,000 करोड़ से अधिक था। बायबैक से EPS बढ़ेगा और ROE सुधरेगा। लेकिन निवेशकों को बाजार मूल्य और बायबैक मूल्य की तुलना करनी चाहिए।

बायबैक के प्रमुख विवरण

नीचे दी गई तालिका में Infosys Buyback 2025 के मुख्य बिंदु संक्षेप में दिए गए हैं। यह आपको तेजी से समझने में मदद करेगी।

विवरणजानकारी
कुल राशि₹18,000 करोड़
शेयर संख्या10 करोड़ (100 मिलियन)
बायबैक मूल्य₹1,800 प्रति शेयर
रिकॉर्ड डेटनवंबर 14, 2025 (अनुमानित)
बोर्ड अप्रूवल डेटसितंबर 11, 2025
स्वीकृति अनुपात (पब्लिक)लगभग 2.81% (प्रमोटर्स बाहर)
प्रकारटेंडर ऑफर

निवेशकों के लिए फायदे: क्या यह वाकई लाभदायक है?

Infosys Buyback 2025 निवेशकों को कई तरीकों से फायदा पहुंचा सकता है। सबसे बड़ा लाभ प्रीमियम मूल्य है। वर्तमान शेयर मूल्य अक्टूबर 23, 2025 को ₹1,528 के आसपास है। बायबैक मूल्य ₹1,800 होने से प्रति शेयर ₹272 का तत्काल लाभ मिलेगा। अगर आपके पास 100 शेयर हैं, तो ₹27,200 का अतिरिक्त मुनाफा संभव है।

दूसरा, बायबैक से कंपनी के शेयर कम होंगे, जिससे बाकी शेयरों की वैल्यू बढ़ सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, EPS में 2.5 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है। इससे लंबे समय में शेयर मूल्य ऊपर जा सकता है।

तीसरा, प्रमोटर्स का बाहर रहना पॉजिटिव सिग्नल है। वे अपनी होल्डिंग बढ़ाना चाहते हैं, जो कंपनी के भविष्य में विश्वास दिखाता है। स्टॉक मार्केट में घोषणा के बाद शेयर 5 प्रतिशत तक चढ़े, जो निवेशकों का उत्साह दर्शाता है।

वास्तविक उदाहरण लें। 2022 के बायबैक में इंफोसिस ने ₹9,200 करोड़ खर्च किए। उस समय स्वीकृति अनुपात 20 प्रतिशत था, और शेयरधारकों को अच्छा रिटर्न मिला। इसी तरह, इस बार भी छोटे निवेशकों को फायदा होगा।

  • तत्काल कैश फ्लो: बेचने पर तुरंत पैसे मिलेंगे।
  • टैक्स दक्षता: हालांकि नया नियम लागू है, लेकिन फिर भी आकर्षक।
  • पोर्टफोलियो बैलेंस: अतिरिक्त फंड से नए निवेश संभव।

लेकिन याद रखें, सभी शेयर स्वीकार नहीं होंगे। अनुपात कम होने से कुछ शेयर बाजार में बेचने पड़ सकते हैं।

जोखिम और नुकसान: सावधानियां बरतें

हर सिक्के के दो पहलू होते हैं। Infosys Buyback 2025 में भी जोखिम हैं। सबसे बड़ा है बाजार अस्थिरता। अगर रिकॉर्ड डेट के बाद शेयर मूल्य ₹1,800 से ऊपर चला गया, तो बायबैक का आकर्षण कम हो जाएगा।

दूसरा, टैक्स प्रभाव। 2024 से बायबैक आय को डिविडेंड की तरह टैक्सेबल माना जाता है। व्यक्तिगत निवेशकों के लिए स्लैब रेट पर टैक्स लगेगा, जो 30 प्रतिशत तक हो सकता है। उदाहरणस्वरूप, ₹1,800 प्राप्ति पर ₹272 लाभ का 30 प्रतिशत टैक्स ₹81.6 होगा। नेट लाभ घटकर ₹190 रह जाएगा।

तीसरा, अवसर लागत। बेचने से लंबे समय का लाभ छूट सकता है। इंफोसिस का FY26 राजस्व अनुमान 4-7 प्रतिशत वृद्धि का है। अगर कंपनी AI और क्लाउड में मजबूत रही, तो शेयर ऊपर जा सकते हैं।

केस स्टडी: 2017 बायबैक में कुछ निवेशकों ने बेचा, लेकिन बाद में शेयर दोगुने हो गए। इसलिए, अल्पकालिक लाभ न लें।

  • मार्केट वोलेटिलिटी: वैश्विक मंदी प्रभावित कर सकती है।
  • कम स्वीकृति: केवल 2.81 प्रतिशत शेयर ही लिए जाएंगे।
  • टैक्स बोझ: उच्च आय वालों के लिए महंगा।

सलाह: अपने वित्तीय सलाहकार से चर्चा करें।

इंफोसिस बायबैक इतिहास: पिछले ऑफर्स से तुलना

इंफोसिस ने अब तक पांच बायबैक किए हैं। यह कंपनी की पूंजी रिटर्न नीति का हिस्सा है। Infosys Buyback 2025 सबसे बड़ा है, जो पिछले से दोगुना है। नीचे तालिका में तुलना दी गई है।

वर्षराशि (₹ करोड़)शेयर संख्या (करोड़)मूल्य (₹ प्रति शेयर)स्वीकृति अनुपात (%)शेयर प्रभाव (%)
201713,0007.51,05015+3.2
20209,3003.875512+2.1
20229,2004.11,85020+2.8
202518,000101,8002.81 (अनुमानित)+2.5 (अनुमानित)

इस तालिका से स्पष्ट है कि 2025 का ऑफर आकार में सबसे बड़ा है। 2022 में उच्च अनुपात के कारण रिटेल निवेशकों को अधिक लाभ हुआ। 2025 में प्रमोटर्स बाहर होने से अनुपात बेहतर है।

वास्तविक डेटा: 2022 बायबैक के बाद शेयर 18 महीनों में 25 प्रतिशत बढ़े। इसी तरह, 2017 के बाद कंपनी का मार्केट कैप ₹3 लाख करोड़ बढ़ा। यह दर्शाता है कि बायबैक कंपनी की मजबूती का संकेत है।

टैक्स प्रभाव: निवेशकों को क्या समझना चाहिए?

भारत में बायबैक टैक्स नियम 2024 से बदले हैं। पहले कंपनी पर 20 प्रतिशत टैक्स लगता था, अब शेयरधारकों पर डिविडेंड की तरह। Infosys Buyback 2025 में प्राप्त राशि आपकी आय में जुड़ेगी।

व्यक्तिगत निवेशक के लिए: अगर आपकी आय ₹15 लाख से कम है, तो 5-20 प्रतिशत टैक्स। उच्च आय पर 30 प्रतिशत। लागत मूल्य को कैपिटल लॉस के रूप में दावा कर सकते हैं। उदाहरण: ₹1,000 पर खरीदा शेयर ₹1,800 पर बेचा, तो ₹800 लाभ पर स्लैब टैक्स। नेट ₹560 लाभ।

कॉर्पोरेट निवेशक: 25 प्रतिशत फ्लैट टैक्स।

डेटा: SEBI रिपोर्ट के अनुसार, 2024-25 में बायबैक से ₹50,000 करोड़ की आय पर ₹10,000 करोड़ टैक्स लगा। इससे सरकारी राजस्व बढ़ा। लेकिन निवेशकों के लिए पोस्ट-टैक्स रिटर्न 15-20 प्रतिशत कम हो गया।

सलाह: ITR फाइलिंग में सही घोषणा करें। SEBI वेबसाइट पर नियम पढ़ें।

सहायक संसाधन और लिंक्स

इस लेख को और उपयोगी बनाने के लिए कुछ लिंक्स साझा कर रहे हैं। आंतरिक रूप से, इंफोसिस निवेश टिप्स पढ़ें। शेयर बाजार गाइड भी मददगार है।

बाहरी लिंक्स: इंफोसिस इन्वेस्टर पेज पर आधिकारिक अपडेट। इकोनॉमिक टाइम्स पर बाजार विश्लेषण।

सामान्य प्रश्न (FAQ)

1. Infosys Buyback 2025 में भाग लेने के लिए क्या योग्यता है?

Infosys Buyback 2025 में भाग लेने के लिए सबसे महत्वपूर्ण शर्त रिकॉर्ड डेट पर शेयरधारक होना है। यह तारीख नवंबर 14, 2025 के आसपास तय होगी, जैसा कि कंपनी के पोस्टल बैलट नोटिस में उल्लेखित है। अगर आपकी डीमैट अकाउंट या फिजिकल सर्टिफिकेट में इंफोसिस के शेयर इस तारीख पर मौजूद हैं, तो आप योग्य होंगे। प्रमोटर्स को छोड़कर सभी शेयरधारक टेंडर फॉर्म भरकर शेयर बेच सकते हैं।

प्रक्रिया सरल है। रिकॉर्ड डेट के बाद कंपनी रजिस्ट्रार (जैसे KFintech) के जरिए नोटिस भेजेगी। आपको शेयर ट्रांसफर करना होगा। छोटे निवेशकों के लिए यह आसान है क्योंकि ब्रोकर ऐप्स जैसे Zerodha या Groww पर ऑनलाइन सबमिट हो जाता है। लेकिन याद रखें, केवल भारतीय निवासी या NRI ही भाग ले सकते हैं। FII के लिए अलग नियम हैं।

इसके अलावा, न्यूनतम शेयर संख्या की कोई सीमा नहीं है। अगर आपके पास एक शेयर भी है, तो आप आवेदन कर सकते हैं। लेकिन स्वीकृति अनुपात केवल 2.81 प्रतिशत है, इसलिए सभी शेयर स्वीकार नहीं होंगे। कंपनी प्रो-राटा आधार पर चुनेगी। यह सुनिश्चित करने के लिए कि आप चूक न जाएं, रिकॉर्ड डेट से पहले शेयर न बेचें। SEBI गाइडलाइंस के अनुसार, बायबैक अवधि 15 दिनों की होगी, जिसमें आप बेच सकते हैं।

कुल मिलाकर, यह मौका उन लोगों के लिए बेहतरीन है जो कैश की जरूरत रखते हैं। लेकिन अगर आप लंबे समय के निवेशक हैं, तो होल्ड करना बेहतर हो सकता है। इस तरह की योजनाओं से कंपनी और शेयरधारक दोनों को लाभ होता है, जैसा कि पिछले बायबैक में देखा गया।

2. बायबैक मूल्य ₹1,800 पर टैक्स कैसे लगेगा और नेट लाभ क्या होगा?

Infosys Buyback 2025 के बायबैक मूल्य ₹1,800 पर टैक्स गणना अब डिविडेंड आय की तरह होगी, जैसा कि फाइनेंस एक्ट 2024 में बदलाव आया। पूरी प्राप्त राशि आपकी कुल आय में जुड़ेगी और स्लैब रेट पर टैक्स लगेगा। मान लीजिए आपकी वार्षिक आय ₹10 लाख है, तो 20 प्रतिशत स्लैब लागू होगा। अगर शेयर ₹1,000 पर खरीदा था, तो ₹800 लाभ पर टैक्स ₹160 होगा। नेट लाभ ₹640 प्रति शेयर।

उच्च आय वालों (₹15 लाख+) के लिए 30 प्रतिशत टैक्स बोझ ज्यादा है। लेकिन सकारात्मक पक्ष यह है कि खरीद मूल्य को कैपिटल लॉस के रूप में अगले निवेश में एडजस्ट कर सकते हैं। उदाहरण के तौर पर, अगर आप बायबैक से ₹1,800 पाते हैं और मूल्य ₹1,200 था, तो ₹600 लाभ पर टैक्स। लेकिन इस लॉस को अन्य शेयर बिक्री में सेट-ऑफ करें।

कंपनी अब कोई बायबैक टैक्स नहीं देती, जो उसके लिए फायदेमंद है। CBDT डेटा के अनुसार, 2024-25 में ऐसे बायबैक से व्यक्तिगत टैक्स ₹8,000 करोड़ बढ़ा। निवेशकों को ITR-2 या ITR-3 में ‘डिविडेंड इनकम’ हेड के तहत घोषित करना होगा। अगर आप सीनियर सिटीजन हैं, तो छूट मिल सकती है। कुल मिलाकर, नेट रिटर्न 15-25 प्रतिशत रह जाएगा, जो अभी भी आकर्षक है क्योंकि बाजार मूल्य ₹1,528 है। सलाह है कि टैक्स प्लानर से कैलकुलेशन करवाएं ताकि कोई गलती न हो। यह बदलाव निवेश निर्णय को प्रभावित करता है, लेकिन सही प्लानिंग से लाभ अधिकतम हो सकता है।

3. प्रमोटर्स के बाहर रहने से पब्लिक निवेशकों को क्या अतिरिक्त फायदा होगा?

प्रमोटर्स का Infosys Buyback 2025 में हिस्सा न लेना पब्लिक शेयरधारकों के लिए बड़ा प्लस पॉइंट है। वर्तमान प्रमोटर होल्डिंग 14.3 प्रतिशत (लगभग 59 करोड़ शेयर) है। अगर वे भाग लेते, तो कुल उपलब्ध शेयर 4.15 अरब से घटकर कम होते, और स्वीकृति अनुपात घट जाता। लेकिन बाहर रहने से पब्लिक पूल 3.56 अरब शेयर का बनेगा, जिससे 10 करोड़ शेयरों का अनुपात 2.81 प्रतिशत हो गया।

यह मतलब है कि आपके शेयर स्वीकार होने की संभावना बढ़ गई। 2022 बायबैक में प्रमोटर्स ने हिस्सा लिया था, अनुपात 20 प्रतिशत था लेकिन पब्लिक को कम मिला। इस बार, नंदन नीलेकणि जैसे प्रमोटर्स अपनी होल्डिंग बढ़ाना चाहते हैं, जो कंपनी के कॉन्फिडेंस को दिखाता है। स्टॉक 5 प्रतिशत चढ़ा, क्योंकि निवेशक इसे पॉजिटिव मानते हैं।

रियल-वर्ल्ड में, TCS 2023 बायबैक में प्रमोटर्स बाहर रहे, पब्लिक को 3.5 प्रतिशत अनुपात मिला और शेयर 12 प्रतिशत बढ़े। इसी तरह, इंफोसिस में भी पोस्ट-बायबैक वैल्यूएशन बेहतर होगी। छोटे रिटेल निवेशकों को इससे कैश मिलेगा, जिसे वे डाइवर्सिफाई कर सकते हैं। लेकिन सावधानी: अनुपात अभी भी कम है, इसलिए सभी शेयर न बेचें। यह कदम कंपनी की गवर्नेंस को मजबूत बनाता है। कुल मिलाकर, यह रिटेल के लिए दुर्लभ अवसर है।

4. बायबैक के बाद इंफोसिस शेयर की कीमत पर क्या प्रभाव पड़ेगा?

Infosys Buyback 2025 पूरा होने के बाद शेयर कीमत पर सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है। 10 करोड़ शेयर कम होने से EPS 2.5 प्रतिशत बढ़ेगा, जो P/E रेशियो को आकर्षक बनाएगा। वर्तमान P/E 25 है, जो उद्योग औसत से कम है। ऐतिहासिक रूप से, 2022 बायबैक के बाद शेयर 6 महीनों में 18 प्रतिशत चढ़े।

मार्केट सेंटिमेंट भी मजबूत होगा। कंपनी का Q2 FY26 राजस्व $4.7 बिलियन रहा, 3.6 प्रतिशत YoY वृद्धि। AI डील्स से ग्रोथ 7 प्रतिशत अनुमानित है। लेकिन ग्लोबल रिसेशन अगर आया, तो प्रभाव नकारात्मक हो सकता है।

विशेषज्ञ विश्लेषण: मॉर्गन स्टैनली ने टारगेट ₹1,950 रखा है। बायबैक से ROE 18 प्रतिशत से 20 प्रतिशत हो सकता है। लंबे समय के निवेशकों को होल्ड करना चाहिए। डेटा दिखाता है कि IT सेक्टर में बायबैक वाले स्टॉक 15 प्रतिशत बेहतर परफॉर्म करते हैं। लेकिन अल्पकालिक ट्रेडर्स सतर्क रहें। कुल प्रभाव: 8-12 प्रतिशत ऊपर की संभावना।

5. क्या नए निवेशकों को रिकॉर्ड डेट से पहले शेयर खरीदने चाहिए?

नए निवेशकों के लिए Infosys Buyback 2025 में शामिल होना आकर्षक लगता है, लेकिन जल्दबाजी न करें। रिकॉर्ड डेट नवंबर 14 से पहले शेयर खरीदने से आप योग्य हो जाएंगे। वर्तमान मूल्य ₹1,528 पर खरीदकर ₹1,800 पर बेचने से ₹272 लाभ। लेकिन ट्रांजैक्शन कॉस्ट और टैक्स घटाकर नेट 15-20 प्रतिशत रिटर्न।

हालांकि, अगर आप लंबे समय के लिए हैं, तो बायबैक के बाद खरीदें क्योंकि शेयर ऊपर जाएंगे। उदाहरण: 2022 में रिकॉर्ड डेट से पहले खरीदने वालों को तत्काल लाभ मिला, लेकिन होल्डर्स को 25 प्रतिशत। बाजार में अभी IT स्टॉक 10 प्रतिशत गिरे हैं, अच्छा एंट्री पॉइंट।

NSE डेटा: बायबैक घोषणा के बाद वॉल्यूम 20 प्रतिशत बढ़ा। नए निवेशकों को 100-500 शेयर से शुरू करें। ब्रोकरेज फीस 0.1 प्रतिशत रखें। कुल मिलाकर, अगर कैश की जरूरत है तो खरीदें, वरना वेट करें। यह रणनीति आपके पोर्टफोलियो को बैलेंस करेगी।

6. Infosys Buyback 2025 अन्य IT कंपनियों के बायबैक से कैसे अलग है?

Infosys Buyback 2025 आकार में सबसे बड़ा है, ₹18,000 करोड़, जबकि TCS का 2023 ₹18,000 करोड़ था लेकिन अनुपात 1.5 प्रतिशत। इंफोसिस का 2.81 प्रतिशत पब्लिक के लिए बेहतर। विप्रो का 2024 बायबैक ₹10,000 करोड़ का था, मूल्य ₹500।

HCL का कोई हालिया नहीं, लेकिन इंफोसिस प्रमोटर्स बाहर हैं, जो TCS में नहीं। डेटा: इंफोसिस का कैश ₹40,000 करोड़, विप्रो का ₹12,000। यह ऑफर EPS बूस्ट देगा। सेक्टर में बायबैक ट्रेंड बढ़ रहा, 2025 में ₹50,000 करोड़ अनुमानित।

इंफोसिस का फायदा: मजबूत बैलेंस शीट। लेकिन विप्रो में उच्च अनुपात था। नए निवेशकों के लिए इंफोसिस बेहतर क्योंकि वैश्विक क्लाइंट बेस। यह तुलना दिखाती है कि इंफोसिस लीडर है।

7. बायबैक न करने पर क्या करें: वैकल्पिक रणनीतियां?

अगर Infosys Buyback 2025 में हिस्सा न लें, तो होल्ड करें। कंपनी का FY26 ग्रोथ 5-8 प्रतिशत अनुमानित। डिविडेंड यील्ड 2.5 प्रतिशत है, Q2 में ₹23 इंटरिम डिविडेंड।

वैकल्पिक: शेयर बेचकर अन्य IT स्टॉक जैसे TCS में निवेश। या म्यूचुअल फंड। 2025 में IT इंडेक्स 12 प्रतिशत ऊपर। केस: 2022 में होल्डर्स को 22 प्रतिशत रिटर्न।

रणनीति: SIP जारी रखें। मार्केट डिप पर खरीदें। यह लंबे समय में धन बढ़ाएगा।

निष्कर्ष

Infosys Buyback 2025 एक बड़ा अवसर है, लेकिन सावधानी से उपयोग करें। ₹18,000 करोड़ का यह ऑफर कंपनी की मजबूती दिखाता है, प्रमोटर्स का बाहर रहना पब्लिक के लिए फायदेमंद है। तत्काल लाभ ₹272 प्रति शेयर है, लेकिन टैक्स और बाजार जोखिम पर विचार करें। इतिहास बताता है कि बायबैक के बाद विकास होता है। मुख्य बिंदु: योग्यता जांचें, टैक्स कैलकुलेट करें, लंबे समय का नजरिया रखें।

अब आपकी बारी। कमेंट में अपनी राय साझा करें कि क्या आप हिस्सा लेंगे। इस लेख को शेयर करें और न्यूजलेटर के लिए साइन अप करें ताकि अपडेट मिलते रहें। स्मार्ट निवेश करें, सुरक्षित रहें।

Susheel Verma

Susheel Verma, the driving force behind Infozar.in, is a dedicated news writer and content creator who brings readers the latest updates from across India. With a Diploma in Cost and Management Accounting (CMA), Susheel combines his analytical skills with a passion for delivering accurate, timely, and engaging news.

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